Home उत्तरकाशी लॉकडाउन में खुले मां गंगा और यमुना के कपाट, अब अगले 6...

लॉकडाउन में खुले मां गंगा और यमुना के कपाट, अब अगले 6 महीने यहीं होगी पूजा-अर्चना

86
0

उत्तराखंड के दो धामों गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट आज रविवार को खोल दिए गए हैं। शुभ मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर गंगोत्री धाम और 12 बजकर 41 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट खोल दिए गए हैं। इससे पहले आज सुबह मां यमुना की डोली खरसाली से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई। इस दौरान उन्हें विदा करने के लिए भाई शनिदेव की डोली भी बाहर निकली। वहीँ दूसरी ओर मुखबा गांव से मां गंगा की भोग मूर्ति की डोली यात्रा को शनिवार को ही गंगोत्री धाम के लिए रवाना कर दिया गया था। भैरोंघाटी स्थित प्राचीन भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद डोली यात्रा आज अपने धाम गंगोत्री पहुंच गयी।

यह भी पढ़िये: शर्मनाक: रूद्रप्रयाग में बीडीओ ने कोविड-19 ग्रुप में भेजी खुद की नग्न अश्लील फोटो, और अब…

लॉकडाउन की पाबंदियों के चलते इस बार केवल 21-21 तीर्थ पुरोहित कपाटोद्घाटन में शामिल हो सके। डोली यात्रा के लिए भी यही प्रावधान किया गया है। डोली यात्रा के दौरान शारीरिक दूरी के नियम का भी विशेष ध्यान रखा गया। लेकिन इतिहास में यह पहली बार होगा जब इतने बड़े आयोजन के बाद भी विश्व प्रसिद्ध हरिद्वार में सन्नाटा पसरा हुआ है। यह वह समय होता है जब देश और विदेश से सभी भक्त यात्रा करने के लिए उत्तराखंड आ चुके होते हैं और इन दिनों हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश में अत्यधिक भीड़-भाड़ रहती है। कोरोना संक्रमण लंबा चलने और यात्रियों के नहीं आने की वजह से हर वर्ग हर कोई व्यापारी परेशान है।

यह भी पढ़िये: रुद्रप्रयाग का यह परिवार तीन माह से है लापता, शेयर करके आप भी कीजिये इनकी मदद…

गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा के पड़ाव स्थल इस दौरान सूने पड़े हुए हैं। दोनों धामों में दुकानें भी नहीं खुली है। लॉकडाउन तक किसी भी यात्री और श्रद्धालुओं को इन धामों में जाने की अनुमति भी नहीं है। मंदिर समिति के सचिव कृत्तेश्वर उनियाल के अनुसार मंदिर में चुनिंदा पुजारी ही नियमित रूप से पूजा-अर्चना करेंगे। बताया कि धाम में बिजली, पानी, शौचालय आदि बुनियादी व्यवस्थाएं करीब करीब पूरी हैं। जानकीचट्टी से धाम तक पांच किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग का निर्माण कार्य भी पूरा होने वाला है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here