अपर यमुना वन प्रभाग क्षेत्र में जहरीली घास खाने से 50 भेड़ों की मौत हुई है। इससे चरवाहों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। ये भेड़ मोरी ब्लाक के जखोल के ग्रामीणों की थी। पशु चिकित्सा अधिकारी ने भेड़ों का पोस्टमार्टम किया, जिसमें मौत का कारण जहरीली घास खाने से पाया गया।

मोरी ब्लॉक के जखोल गांव के कुछ भेड़, बकरी पालक सर्दियों में अपने मवेशियों के साथ ऊंचाई वाले बुग्यालों के क्षेत्र से तराई के इलाकों में जाते हैं। पशुपालक करीब सात सौ भेड़, बकरियों के झुंड को तराई की ओर ला रहे थे। मंगलवार शाम बड़कोट से कुछ दूरी पर दल में शामिल कुछ भेड़ों ने जहरीली घास खाई, जिसके कारण 50 से अधिक भेड़ों की मौत हो गई।

भेड़ों की मौत की सूचना पर पशु चिकित्सकों की एक टीम मंगलवार देर रात ही चिकित्सक मोनिका गोयल के नेतृत्व में मौके पर पहुंची, जहां मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम किया गया। मौत का कारण जहरीली घास खाना पाया गया। बड़कोट तहसीलदार बुद्धि सरियाल ने बताया कि जिस प्रकार भेड़ों की मौत हुई है वह दैवीय आपदा के तहत नहीं आता, इसलिए भेड़ पालकों को कोई सहायता राशि नहीं दी जा सकती। चिकित्सा टीम में धनवीर सिंह, मनमोहन सेमवाल भी शामिल थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here