इस समय पूरे भारत में कोरोना से लड़ने के लिए एक तरह से जंग का माहौल बना हुआ है, हर कोई इस लड़ाई में सहयोग कर रहा है। लेकिन फिर भी कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें इस महामारी से कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आ रहा। यही कारण है कि देश के प्रधानमंत्री से लेकर राज्य की सरकारों के आदेशों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। इस काम में अब सबसे पहले जो नाम निकलकर सामने आ रहा है वह है दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज में शामिल हुए हजारों लोग। इस मरकज से देर रात भी जमातियों को बसों में भरकर आइसोलेशन में ले जाया गया है। सुबह 4 बजे तक 2100 लोगों को मरकज से निकाला गया, हालांकि, मरकज का दावा था कि अंदर सिर्फ एक हजार लोग हैं। इससे उलट वहां से 2100 लोग निकाले गए हैं।

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उत्तराखंड के लिए भी इस मरकज ने एक बहुत बड़ी समस्या सामने लाकर रख दी है। तब्लीगी जमात में उत्तराखंड से भी 34 लोग शामिल हुए थे। निजामुद्दीन मरकज में बड़ी तादाद में मौजूद जमातियों में से कुछ का कोरोना पॉजिटिव होने के बाद देशभर में इससे हड़कंप मचा हुआ है। खुफिया तंत्र की जांच पड़ताल में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है और वह ये कि प्रदेश के 280 लोग अभी जमात में बाहर गए हुए हैं। ये लोग देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी, टिहरी और उत्तरकाशी के बताए गए जा रहे हैं।

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मसूरी के जमातियों के मरकज में शामिल होने की बात से भी शासन सकते में है। नैनीताल में तबदील जमात के आठ लोग अब तक मिल चुके हैं। जिन्हें पुलिस ने मंगलवार को देर रात अस्पताल में भर्ती कराया है। 31 मार्च को जारी हुई लिस्ट में इनके नाम शामिल हैं और इनकी कॉन्टेक्ट हिस्ट्री भी है। उत्तराखंड पुलिस ने मंगलवार को एक-एक जमाती के घर जाकर उनके बारे में जानकारी जुटाई है। देर रात तक सत्यापन जारी रहा। इस बारे में पुलिस महानिदेशक (अपराध) अशोक कुमार ने बताया कि अभी तक मरकज में राज्य के 34 लोगों के होने की जानकारी मिली है।

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