सेना में भर्ती होने का सपना कई युवा देखते हैं और कइयों का देश की सेवा करने का सपने सच हो जाता है. जिससे परिवार में खुशी का माहौल बन जाता है. कुछ ऐसा ही हुआ होगा जब रोबिन बिष्ट सेना में भर्ती हुए होंगे. देश सेवा को अपनी जिंदगी देने वालों को पूरा भारत सलाम करता है।लेकिन अपने बेटे को तिरंगा में लिपटा देख किस मां का दिल नहीं सहमेगा, किस बाप, भाई, बहन और पत्नी का दिल भारी नहीं होगा. शहीद परिवार को उसके खोने का गम हमेशा रहता है.

एक ऐसा ही बुरी खबर आई पंजाब से आई. जिसमें उत्तराखंड लाल रोबिन बिष्ट की अकालमृत्यु हो गई. सैनिक रोबिन बिष्ट किसी जंग या फांयरिंग में शहीद नहीं हुए बल्कि उनको अकालमृत्यु आई. पानी में डूबने से हुई मौत दरअसल पट्टी बालीकंडारस्यूं के डुमलोट गांव के रहने वाले सैनिक रॉबिन बिष्ट की पंजाब के फिरोजपुर में पानी में डूबने से मौत हो गई। परिवार वालों का सपना था कि घर में एक बहु आए और घर-आंगन में रौनक भर जाए। लेकिन इस दुखद खबर के बाद से परिवारवालों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। पिता मानवेंद्र सिंह का कहना है कि रॉबिन की सगाई सांसौ गांव में तय हुई थी। परिवार वाले पूरी तैयारियों में जुटे थे और एक खबर से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस सूचना के सामने आते ही उनके गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। रॉबिन 20वीं गढ़वाल राइफल में तैनात थे! कल रॉबिन के पार्थिव शरीर को पहले लैंसडौन छावनी लाया गया औऱ उसके बाद पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मान के साथ उनके गाँव लाया गया और सैन्य सामान के साथ उनका अन्तिम सस्कार हुआ! इस दोरान पूरे गाँव का माहोल गमगीन था! असमय मौत होना दुखद है, भगवान इस परिवार को दुख सहने की हर शक्ति प्रदान करे।