देहरादून का एक छात्र पिछले कुछ समय से अपनी एक शानदार पहल के लिए देश और दुनियां में सराहा जा रहा है। जो भी इस मामले को पढ़ रहा है वो जरुर इस बात पर अपनी सहमति दर्ज कर रहा है। यहाँ बात हो रही है देहरादून के अभिनव कुमार शर्मा की जो राजधानी के प्रतिष्ठित स्कूल सेंट जोसेफ अकादमी के छात्र हैं। अभिनव ने अपने पत्र में लिखा कि 21 दिनों से चल रहे लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था को झटका लगने वाला है। अभिनव ने पीएम से अपील की है कि सभी धार्मिक ट्रस्टों के लिए अपने फंड का 80% हिस्सा पीएम के राहत कोष में दान करना अनिवार्य हो चाहें वह जिस भी धर्म का पालन करते हों।

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इस धन का उपयोग उन लोगों के लिए किया जा सके, जिन्हें कोरोना वायरस की इस महामारी में जरूरत है। गरीबों की दुर्दशा के बारे में चिंता जताते हुए अभिनव का कहना है कि यह स्वास्थ्य आपातकाल निश्चित रूप से वित्तीय आपातकाल का कारण बनेगा, जिसके कारण भिखारी, मजदूर आदि भुखमरी के कगार पर पहुँच चुके हैं। इस तालाबंदी से छोटे उद्योग, कारखाने, व्यवसाय बंद हो सकते हैं। कोई व्यवसाय नहीं होने के कारण बेरोजगारी बढ़ सकती है।

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यदि धार्मिक संस्थानों का यह पैसा भगवान के बच्चों को बचाता है तो  ‘ईश्वर’ खुश होगा और हम सभी को आशीर्वाद देगा साथ ही हमें मानवता में अधिक विश्वास होगा। वहीं मेडिकल प्रैक्टिशनर्स के परिवार से आने वाले अभिनव को इस बात की भी जानकारी है कि डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ क्या कर रहे हैं। डॉक्टर इस घातक वायरस से लड़ने के लिए हमारे सिपाही हैं.  मुझे उम्मीद है कि हमारी सरकार यह सब जानती है और उन्हें वे सभी उपकरण और सुरक्षा जाल मुहैया करा रही है, जो उन्हें इस लड़ाई से लड़ने की जरूरत है

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