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बागेश्वर के सक्षम बने शतरंज के इंटरनेशनल मास्टर, यह खिताब पाने वाले राज्य के पहले खिलाड़ी

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देवभूमि उत्तराखंड के शतरंज खिलाड़ी सक्षम रौतेला को फेडरेशन इंटरनेशनल दि एचेस (फिडे) ने शतरंज इंटरनेशनल मास्टर के खिताब दिया है। यह खिताब पाने वाले वह उत्तराखंड के पहले खिलाड़ी हैं। इस उपलब्धि से वह देश के चुनिदा 125 इंटरनेशनल मास्टर में भी शामिल हो गए हैं। वर्तमान में उनकी फिडे रेटिग 2480 है। वह देश के टाप 50 खिलाड़ी में शामिल होने वाले उत्तर भारत के एकमात्र इंटरनेशनल मास्टर भी हैं। सक्षम रौतेला ने वर्ष 2012 से शतरंज खेलना शुरू किया था। बीते पांच सालों से वह अंतराष्ट्रीय कोच रूस के डेविक एक्टन व श्रीनाथ से कोचिग ले रहे हैं।

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सक्षम ने दिसंबर 2019 में आईएम का अपना पहला नॉर्म पूरा किया। इस साल जनवरी में उन्होंने दूसरा नार्म पूरा किया। फरवरी 2020 में बोस्निया शहर के बिल्येनिया में आईएम प्रतियोगिता में खेलते हुए 7.5 अंक हासिल करने के साथ ही उन्होंने तीसरा व अंतिम नॉर्म भी हासिल कर लिया। इस साल के मार्च महीने में फिडे की इंटरनेशनल मास्टर शतरंज प्रतियोगिता पेरिस में हुई। इसमें सक्षम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए कुल 2480 रेटिग हासिल की। इसी के साथ उन्हें इंटरनेशनल मास्टर का खिताब मिल गया। आईएम बनने के लिए किसी भी खिलाड़ी को 2400 से ज्यादा की रेटिंग और तीन आईएम नार्म पूरे करने होते हैं।

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ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (एआईसीएफ) की  आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में भारत में 66 ग्रैंड मास्टर और 125 इंटरनेशन मास्टर हैं और इनमें  सक्षम रौतेल भी शामिल हैं।  सक्षम सुदूरवर्ती जिले बागेश्वर के रहने वाले हैं। सक्षम की माता किरन व पिता बालम रौतेला मुख्यालय में एलआइसी के अभिकर्ता हैं। बच्चों के भविष्य के लिए उन्होंने अपनी सुख सुविधा को त्याग दिया। उन्होंने बताया कि सक्षम बचपन से ही मेहनती हैं और इसी लगन ने उन्हें यहां तक पहुंचाया। पढ़ाई के साथ ही उन्होंने शतरंज की प्रैक्टिस जारी रखी, जिसका परिणाम उन्हें आईएम के रूप में मिला। सक्षम रौतेला ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता किरन रौतेला और पिता बालम सिंह रौतेला और अपने शतरंज कोचों को देते हैं।

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