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उत्तराखंड से लद्दाख और अरुणाचल तक 43 पुल चीन सीमा पर तैयार, राजनाथ सिंह करेंगे उद्घाटन

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भारत और चीन के बीच पिछले 5 महीनों से लद्दाख की सीमा पर गतिरोध कायम है। ऐसे में भारत अपनी सीमाओं को मजबूत करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहा है। इस क्रम में आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चीन के साथ सीमा पर कुल 43 महत्वपूर्ण पुलों का उद्घाटन करेंगे, जोकि सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इन सभी पुलों का निर्माण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा किया गया है। ये सभी पुल देश के विभिन्न राज्यों में बनाए गए हैं, जिनका उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा किया जाता है। ये पुल लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू और कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में बनाए गए हैं।

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सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित इन पुलों का उद्घाटन ऐसे वक्त में किया जा रहा है, जब पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा पर जवान आमने-सामने हैं। इन 43 पुलों में से 10 जम्मू कश्मीर में, दो हिमाचल प्रदेश में, आठ-आठ उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश और चार-चार सिक्किम और पंजाब में स्थित हैं। रक्षा मंत्री अरुणाचल प्रदेश के तवांग में नेचिपु सुरंग की आधारशिला भी रखेंगे। यह सुरंग राज्य की राजधानी ईटानगर से 448 किमी उत्तर-पश्चिम में और चीन की सीमा से लगे तवांग तक की यात्रा के समय को कम कर देगी। इसमें हिमाचल प्रदेश के दारचा से लद्दाख को जोड़नेवाली एक सड़क भी शामिल है। 290 किलोमीटर की यह सड़क जवानों के आने-जाने और सेना के सामान को इधर से उधर ले जाने में काफी मददगार साबित हो सकती है।

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी कार्यक्रम में वर्चुअल जुड़ेंगे। जिन 43 पुलों का उद्घाटन आज रक्षामंत्री करेंगे, उनमें से 22 पुलों का सीधा संबंध भारतीय सेना से है, क्योंकि इन्हीं मार्गों के जरिए भारतीय सेना के जवान, आर्टिलेरी, उनके लिए रसद भेजे जाते हैं। चीन जैसा पड़ोसी देश अगर भारत का हो और दूसरी तरफ पाकिस्तान की नापाक सरकार तो भारतीय सेना व सरकार को इन आधारभूत चीजों पर ध्यान देना अतिआवश्यक है। कुछ दिनों के बाद पीएम नरेंद्र मोदी अटल रोहतांग सुरंग को देश को समर्पित करने जा रहे हैं और यह सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। जब चीन और भारतीय सेना के साथ लद्दाख से लेकर अरुणाचल और उत्तराखंड, सिक्किम तक सीमा पर तनाव है, तो ये पुल सेना को बहुत मदद करेंगे।

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